(जज) Judge कैसे बने? जानें [पूरी प्रक्रिया] योग्यता, आयु, वेतन

अदालत के न्यायाधीश होने का मतलब है कानूनी लॉ प्रणाली के शीर्ष पर पहुंचना और उसकी रखवाली करना (guardian of the laws) । अदालत में एक न्यायाधीश सबसे शीर्ष व्यक्ति (सबसे सम्माननीय) होता है।

यदि आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो न्यायिक सार्वजनिक सेवाओं का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह लेख “Judge कैसे बने” आपके लिए है। यहां आपको एक न्यायाधीश बनने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया का हर एक पहलू मिलेगा, शुरुआत (12 वीं) से अंत तक (न्यायाधीश) न्यायालय के न्यायाधीश बनने तक|

इस लेख को आगे पढ़ने से पहले आपको अपने आप से एक सवाल पूछना होगा। क्या आप वास्तव में न्यायाधीश बनने की और झुकाव रखते हैं? अगर हाँ तो, आपको इसके बारे में भावुक (passionate) होना चाहिए। क्योंकि जब तक आप अंतिम पड़ाव तक नहीं पहुंच जाते (न्यायाधीश बनने तक), तब तक आपको बहुत सी कढ़ीनाइयों का सामना करना पड़ेगा|

जज कैसे बने के इस आर्टिकल में आपको ये सभी निम्नलिखित जानकारियां प्राप्त होंगी

Page Contents

न्यायाधीश बनने के रास्ते को चुनने से पहले आपको इन दो बातों का ध्यान रखना चाहिए

[1] यह करियर विकल्प आपके लिए तब तक एक सही करियर विकल्प नहीं होगा जब तक के आप इसके प्रति समर्पित और लगाव न हो|

ऐसा क्यूं? जैसा कि आप जानते हैं कि अदालतें भारत सरकार का हिस्सा होती हैं, इसलिए न्यायाधीश भी Government of India  के अधीन आते हैं। इसलिए हमें जज के रूप में नियुक्त करने के लिए भारत सरकार द्वारा एक  परीक्षा आयोजित की जाती है जिसे आपको उत्तीर्ण करना पड़ेगा| कोर्ट का जज बनने के लिए, जिस परीक्षा में आप compete करने जा रहे हैं वह निश्चित रूप से आसान नहीं होगा। लेकिन पास करना असंभव नहीं है। परीक्षा का विवरण “Judge कैसे बने” के इस आर्टिकल में नीचे दिया गया है।

[2] लक्ष्य तक पहुंचने का धैर्य: आम तौर पर अदालत के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने केलिए लॉ में उपलब्ध अन्य करियर विकल्पों की तुलना में थोड़ा अधिक समय लगता है, लेकिन अंत परिणाम आपकी पूरी जिंदगी बदलदेगा (काफी रोचक है कोर्ट का जज बनना)|

मतलब के आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए धैर्य रखना होगा। अदालत के न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त होने में कम से कम आपको 5-से-7 साल लगेंगे (वीं कक्षा के बाद)।

दोस्तों, मेरा मकसद आपको डराने या आपके हौसले को तोड़ने का नहीं है, लेकिन अगर आप जज कैरियर विकल्प का चयन कर रहे हैं तो आपको इन दो बातों के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि आज न कल आपको इनका सामना करना पड़ेगा ही| इसलिए मेने आपको सच बताया  है, जिसके लिए आपको तैयार रहना चाहिए।

इसका मतलब यह नहीं है कि आप अदालत के न्यायाधीश नहीं बन सकते हैं। यह 200% संभव है कि आप एक अदालत के सम्माननीय न्यायाधीश बन सकते हैं यहाँ तक की आप सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश /Chief Justice of India (CJI)  भी बन सकते हैं। आपको जिस चीज की आवश्यकता है वह ऊपर की दो उल्लिखित बिंदुओं को ध्यान में रखना और इसे सकारात्मक तरीके से लेना|

न्यायपालिका (Judiciary) एक बहोत बढ़ियाँ करियर विकल्प हो सकता है बस आपको अदालत के न्यायाधीश बनने की अवधि तक धीरज रखने की आवश्यकता होती है और उस अवधि में खुद को प्रेरित करते रहने की।

 

क्या अदालत के न्यायाधीश (Judge) और मजिस्ट्रेट (Magistrate) के बीच कोई अंतर है?

न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट शब्द अक्सर एक दूसरे के लिए उपयोग किए जाते हैं और इसलिए यह दोनों एक-दूसरे से संबंधित और सामान लगते हैँ। लेकिन वे कानून परिप्रेक्ष्य से एक ही शब्द नहीं हैं।

न्यायपालिका प्रणाली (judiciary system) के अनुसार, दोनों में एक बड़ा अंतर है। एक न्यायाधीश एक मजिस्ट्रेट की तुलना में अधिक प्रशासनिक अधिकारियों और शक्ति का मालिक (अभिरक्षक) होता है।

Judge: अदालत के न्यायाधीश होने के नाते आपको सभी मामलों (प्रमुख, मामूली, संवैधानिक, आपराधिक मामलों इत्यादि) के मुकदमों को सुनना होगा और उन मामलों पर समाधान (निर्णय) प्रदान करना होगा।

Magistrate: एक मजिस्ट्रेट आम तौर पर अदालत में मामूली (छोटे अपराधों) मामलों को सुनता है। मजिस्ट्रेट केवल जिला स्तर अधीनस्थ न्यायालयों (District level Courts) में मुकदमों को सुनता है और उन पर फैसले सुनाता है| 

एक बात आमतौर पर दोनों पेशों (Judge and Magistrate) में देखी जा सकती है कि वे न्यायपालिका प्रणाली का हिस्सा हैं और दोनों के पास मामले का फैसला करने और पीड़ितों को न्याय प्रदान करने का अधिकार और जिम्मेदारी है। हमारे छोटे से मस्तिष्क में भ्रम पैदा करने का यही कारण है। इसलिए हमें दोनों एक ही व्यक्तित्व प्रतीत होते हैं।

 

न्यायाधीश बनने के लिए प्राथमिक शिक्षा क्या है

अदालत में न्यायाधीश बनने के लिए सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण आप के पास कानून में डिग्री, LLB (Bachelor of laws) होनी चाहिए। मतलब के आपको जज बनने से पहले एक लॉयर बनना पड़ेगा |

पहले के दिनों में एक लॉयर बनने के लिए आपके पास सिर्फ एक सरल अकादमिक पाठ्यक्रम विकल्प था BA LLB का | लेकिन आजकल छात्रों के पास LLB करने के लिए बहोत सारे पाठ्यक्रम मौजूद हैं, जिनको LLB integrated program के नाम से भी जाना जाता है| आप उनमे से किसी भी LLB program को चुन सकते हैं |

आपके पास LLB की डिग्री प्राप्त करने के लिए दो विकल्प हैं, यानी एक लॉयर बनने के लिए आपके पास दो अलग-अलग पथ हैं, इसलिए आप इन में से कोई भी एक रास्ते का चयन कर सकते हैं, अपनी वर्तमान योग्यता के आधार पर। LLB डिग्री के इन दोनों विकल्प के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें  

क्या मुझे अदालत के न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट बनने के लिए कानून में LLM (Master of Laws) और PhD करना पड़ेगा?

नहीं! आपको कोर्ट में जज और मजिस्ट्रेट बनने केलिए Masters और PhD डिग्री की आवश्यकता नहीं है । हालांकि, अगर आपको विभिन्न प्रकार के कानूनों में अपना ज्ञान बढ़ाना चाहते हैं तो आपको इसके लिए अवश्य जाना चाहिए|

लेकिन आम तौर पर किसी भी जिला या राज्य स्तरीय न्यायिक सेवा परीक्षा (judicial service examination) में निर्वाचित होने के लिए कोई Masters और PhD की आवश्यक नहीं होती है।

 

Judicial Service Examination क्या है?

यदि आप LLB की पढ़ाई पूरी करने के बाद बिना किसी पूर्व अनुभव (Experience) के न्यायाधीश की कुर्सी पर  बैठना चाहते हैं तो आपको न्यायिक सेवा परीक्षा में competition लड़ना होगा जैसे कि प्रत्येक न्यायिक सेवा उम्मीदवार करता है। जिला स्तर पर न्यायधीश बनने के लिए इससे बेहतर और कोई विकल्प नहीं है।

एक fresher होने के नाते, न्यायिक सेवा परीक्षा (judicial service exam) जिला या अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Court) के न्यायाधीश बनने का एकमात्र तरीका है|

Judicial Service Exam राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commission) के नियमों के तहत आयोजित की जाती है।

जिला स्तरीय अदालत में न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेट की खाली सीटों को पूरा करने के लिए प्रत्येक राज्य की अपनी न्यायिक परीक्षा होती है। प्रत्येक राज्य न्यायिक सेवा परीक्षा की सूची यहाँ से प्राप्त करें

जैसा कि आप अभी fresher हैं, और शायद मुकदमेबाजी और न्यायिक सेवाओं में कोई पूर्व अनुभव नहीं होगा| इसलिए आपको निचली स्तर की न्यायपालिका, यानी जिला स्तर के कोर्ट  से न्यायाधीश (District Court Judge) के रूप में अपना करियर शुरू करना होगा।

निचली अदालतों में भी बहोत सारी अलग तरह की जज की पोस्टिंग होती है| आइए “Judge कैसे बने” के इस लेख में जानें के आपको न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इन निचली स्तर की अदालतों में क्या पदनाम मिलेगा?

उस सबसे पहले, आपको भारत न्यायिक प्रणाली के पदानुक्रम (Hierarchy of India Judicial system) को जानना बहोत जरुरी होगा।

 

भारतीय न्यायिक प्रणाली का ढांचा

भारतीय न्यायपालिका प्रणाली तीन-स्तरीय संरचना (three-tier structure) में कार्य करती है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय (राष्ट्रीय स्तर पर), उच्च न्यायालय (राज्य स्तर पर)और अधीनस्थ न्यायालय (जिला स्तर पर) शामिल है

भारतीय न्यायिक प्रणाली का ढांचा

पदानुक्रम के शीर्ष पर मौजूद अदालत को नीचे स्थित अदालत की तुलना में अधिक संवैधानिक शक्तियां और अधिकार मिले हुए हैं। उच्च न्यायालय निम्न स्तर की अदालतों को पर्यवेक्षी (supervise) करता है।

“जज कैसे बने” के इस लेख का उद्देश्य यह है की आप न्यायपालिका में किसी पूर्व अनुभव के बिना न्यायालय का न्यायाधीश कैसे बना जाये के बारे में जानकारी देना है।

और बिना किसी अनुभव के, आप उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में नहीं जा सकते हैं, इसलिए हमारा एकमात्र विकल्प है अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Court), जिसमें के आप आपने लॉ की डिग्री पूरी करने बाद एक जज बन सकते हैं|

यदि आप उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनना चाहते हैं या आगे चल कर बनना चाहतें हैं तो, आपको इन दो लेखों को जरूर पढ़ना चाहिए। 

इन आर्टिकल्स को भी पढ़ें:

तो चलिए जानते हैं इन जिला स्तरीय अदालतों के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को और अधीनस्थ न्यायालयों के भीतर पदानुक्रम के ढांचे के बारे में|

 

भारतीय Subordinate Court / District Court का ढांचा

एक जिला स्तर पर न्यायालय और नीचे की अदालतों को अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Court) के रूप में भी जाना जाता है, जो राज्य के उच्च न्यायालय के तहत नियंत्रित है। चूंकि अधीनस्थ न्यायालय भारतीय न्यायिक प्रणाली के तीन-स्तरीय संरचना पदानुक्रम के सबसे निचले तल पर आते हैं, इसलिए इसे लोअर कोर्ट (Lower Court) भी कहा जाता है।

Subordinate Court District Court का ढांचा

 

राजस्व न्यायालय (Revenue Court)

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है, जिला स्तर में यह अधीनस्थ अदालत, राजस्व से संबंधित है। राजस्व न्यायालय एक जिले में उत्पन्न आय और राजस्व (सरकारी नियमों और विनियमन के तहत) आय (राजस्व) के रिकॉर्ड की गणना और संग्रह करने के लिए ज़िम्मेदार होता है।

दीवानी अदालत (Civil Court)

यह अधीनस्थ अदालत शादी, तलाक, भूमि, संपत्ति, नागरिक मामलों और उन सभी मामलों को सुनती है जिसमें कोई आपराधिक अपराध (criminal offence) न हो|

सत्र अदालत (Session Court/ Criminal Court)

जिला सत्र न्यायालय आपराधिक मामलों जैसे कि हत्या, डकैती, और किसी भी तरह के अन्य आपराधिक गतिविधियों को सुनता है।

न्यायिक सेवाओं के उम्मीदवार के रूप में आपके लिए मुख्य न्यायालय हैं; सिविल और सत्र न्यायालय, क्योंकि ये दो अदालतें हैं जहां आप न्यायिक सेवा परीक्षा को पास करने के बाद नियुक्त होंगे।

 

Judicial Service Examination उत्तीर्ण करने के बाद आपको कौन सी posting मिलेगी

सिविल कोर्ट में न्यायाधीशों के पदनाम (घटते हुए क्रम में)

  1. District and Sessions Judge/ District Judge (Chief Judge/ मुख्य न्यायाधीश)
  2. Additional District and Sessions Judge/ Additional District Judge
  3. Sub Judge

मेने एक ही पदनाम के रूप में, जिला और सत्र न्यायाधीश को क्यों बताया है|  क्योंकि कभी-कभी (ज्यादातर मामलों में) आप पाएंगे कि एक ही न्यायाधीश नागरिक मामले और साथ ही आपराधिक मामलों को सुनने के लिए ज़िम्मेदार होता है | यही कारण है कि जिला अदालत में न्यायाधीशों को जिला और सत्र न्यायाधीश के साथ नामित किया गया है।

सत्र कोर्ट में न्यायाधीशों के पदनाम (घटते हुए क्रम में)

  1. Session Judge (Chief Judge)
  2. Additional Session Judge
  3. Chief Judicial Magistrate/ Judicial Magistrate First Class (JMFC)
  4. Additional Chief Judicial Magistrate
  5. Metropolitan Magistrate
  6. Judicial Magistrate Second Class (JMSC)

न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आपको इस प्रकार के पदनाम मिलेंगे; जिला न्यायाधीश और सत्र न्यायाधीश की पोस्टिंग को छोड़कर।

एक जिला और सत्र न्यायाधीश एक अधीनस्थ न्यायालय में शीर्ष न्यायाधीश (जिला न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश) होता है । इसलिए यदि आप जिला स्तर की न्यायपालिका के शीर्ष तक पहुंचना चाहते हैं, तो आपको न्यायपालिका में कुछ वर्षों का अनुभव होना चाहिए। 

 

जिला और सत्र न्यायाधीश कैसे बनें (District and Session Judge – Chief Judge in District Court)

अधीनस्थ न्यायालय में उच्चतम स्थिति प्राप्त करने के लिए आपको कुछ आवश्यक मानदंडों को पूरा करना होगा।

जिला और सत्र न्यायाधीश बनने के लिए योग्यता मानदंड निम्नलिखित हैं…

  • वह कम से कम 7 वर्षों के लिए एक वकील (Advocate) रहा हो और किसी भी भारतीय कोर्ट में वकालत करता हुआ होना चाहिए| 
  • आवेदक किसी भी राज्य या केंद्र सरकार की सेवा में नहीं होना चाहिए, यानी आवेदक के पास कोई सरकारी नौकरि नहीं होनी चाहिए।
  • उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (HC Judge) के नजरों में एक काबिल वकील होना चाहिए  (प्रतिष्ठित वकील)

यह जिला स्तर की अदालत में सबसे ऊँचे स्थान पर पहुँचने का दूसरा तरीका है, जोकि आप एक वकील बनकर कुछ सालों में प्राप्त कर सकते हैं| (पहला तरीका परीक्षा द्वारा, जिसे “Judge कैसे बने” के इस आर्टिकल में ऊपर बताया गया है)

जानें एक वकील कैसे बना जाये (District और High Court में)

 

अधीनस्थ /जिला न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है?

राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श के बाद  जिला और सत्र न्यायाधीशों की नियुक्ति की जाती है।

उस राज्य के लोक सेवा आयोग (state public service commission) और उच्च न्यायालय के परामर्श के बाद राज्य के राज्यपाल द्वारा जिला अदालत (जिला और सत्र न्यायाधीश को छोड़कर) में अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की जाती है ।

 

न्यायालय न्यायाधीश / मजिस्ट्रेट के पास कौन से गुण और कौशल होने चाहिए? (Skills Set)

जैसा कि हम जानते हैं कि न्यायाधीश अदालत में सबसे सम्मानित और सम्माननीय व्यक्ति है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके गुणों और क़ाबलियत ने उन्हें अन्य कानूनों के अधिकारियों से अलग बनाया है?

अदालत की शीर्ष कुर्सी पर बैढना या उस मुकाम को हासिल करना कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए, आपको अपने अंदर कुछ गुण और क़ाबलियत को विकसित करने की जरूरत है और अदालत की उस प्रतिष्ठित कुर्सी पर बैठने के लिए आपको इसके लायक होना चाहिए।

न्यायाधीशों के पास ये 6 प्रमुख कौशल और योग्यता होनी ही चाहिए

जिम्मेदारी (Responsibility): एक न्यायाधीश को पता होना चाहिए कि संविधान में उल्लिखित कानूनों का पालन करके वे क्या कर रहे हैं। आप जिस कुर्सी पर बैठे हैं उसकी विनम्रता और गरिमा बनाए रखें। न्यायालय में, यदि न्यायाधीश ही भ्रष्ट है (यानी अगर न्यायाधीश न्यायपालिका प्रणाली में प्राप्त स्थिति की जिम्मेदारियों को नहीं जानता है) तो नागरिक / जनता न्याय के लिए कहाँ जाएगी। इसलिए न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट के लिए यह जानना वास्तव में महत्वपूर्ण है कि वह किन चीज़ों के लिए ज़िम्मेदार है और उनको समझें।

न्याय की समझ: जहां तक न्याय का सवाल है, न्यायाधीश संविधान में कानूनी कानूनों विश्लेषण करने के बाद और साक्ष्य (evidence) के आधार पर निर्णय लेते हैं। माननीय अदालत के न्यायाधीश द्वारा कोई भावनात्मक निर्णय नहीं दिया जा सकता है। न्यायालय में अभियोजक (prosecutor) द्वारा प्रदान किए गए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश मामले को आगे बढ़ाते हैं।

विश्लेषणात्मक (Analytical): न्यायाधीश होने के नाते, आपके पास विश्लेषण कौशल होना अनिवार्य है। क्योंकि एक कोर्ट के जज के तोर पर आपको एक दिन में बहुत सारे दस्तावेजों की जांच करनी होती है। अदालत के एक सक्रिय न्यायाधीश के रूप में, आप अभियोजन पक्ष (Advocate) द्वारा प्रस्तुत सबूत / दस्तावेजों की जाँच करते हैं।

और एक न्यायाधीश के रूप में, थोड़े समय में आपको जमा किये हुए सबूतों को जांचना होता है, क्योंकि आपको एक दिन में कई केसेस की सुनवाई करनी पड़ती है। वैसे तो इस काम के लिए एक लॉ क्लर्क होता है जोकि जज को इस काम में मदद करता है|

जानें एक लॉ क्लर्क कैसे बने (Judicial Clerk)

धैर्य (Patience): धैर्य क्यों? मान लीजिए कि आपको दिन भर पूरे समय एक चीज़ के बारे में सुनना पड़े, वही आरोप प्रत्यारोप की बातें। निश्चित रूप से, न्याय की कुर्सी पर बैठना और सक्रिय रूप से और धैर्यपूर्वक सभी तर्कों को सुनना आसान नहीं है। किसी भी केस में फैसला सुनाने से पहले जज को धैर्यपूर्वक सभी बातों को सुनना पड़ता है और फिर उस पर फैसला सुनाना होता है, इसलिए एक न्यायधीश के लिए धैर्य रखना बहोत आवश्यक है|

English: भारत में जितनी भी न्यायिक प्रकिर्याएँ होती हैं वो सभी अंग्रेजी भाषा में होती हैं| भारतीय न्यायालयों की औपचारिक भाषा अंग्रेजी है, इसलिए अगर आप एक जज बनने जा रहें हैं तो आपको English आनी जरुरी है|  

Good listening and communication skills: यह कौशल ज्यादातर समय, कार्यवाही के दौरान न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट के द्वारा उपयोग किया जाता है। आपके मन में प्रश्न होगा आखिर सुनना इतना महत्वपूर्ण कौशल कैसे है| क्योंकि जब तक आप सही से सुनेंगे नहीं तब तक आप किसी विषय पर अपना निर्णय सही से कैसे लेंगे|

अदालत में, आपको अभियोजक और अन्य मामले से संबंधित तथ्यों के प्रत्येक शब्द पर ध्यान देना होगा। क्योंकि कोई भी बार-बार एक ही शब्द को दोहराने वाला नहीं है। इसलिए यह बहोत जरुरी है के आप भी अब सुनने और बातचीत करने के कौशल को विकसित करने के लिए तैयार रहें।

तो ये कुछ गुणवत्ता और कौशल हैं जिन्हें आपको अपने अंदर लाना है अगर आप अदालत के न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट बनना चाहते हैं, तो आपको इनकी आवश्यकता होगी। न्याय की कुर्सी पर बैठने के लिए आपको निश्चित रूप से “Judge कैसे बने” इस लेख में लिखे उपर्युक्त गुणों को प्राप्त करने की आवश्यकता है। 

 

Judge कैसे बने? न्यायिक मजिस्ट्रेट/ Judicial Magistrate [Only 2 Steps] बिना किसी अनुभव के

[Step 1] Bachelor of Laws (LLB)

सबसे पहले, आपको लॉयर बनना होगा (कोर्ट में केस लड़ने वाला नहीं), आपको आगे के चरणों का पालन करने के लिए केवल law graduation की डिग्री की आवश्यकता है। लॉयर करियर विकल्प के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें|  किसी भी कानूनी और कानून से संबंधित सेवाओं के लिए कानून में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है।

कानून की डिग्री (LLB) प्राप्त करने के बाद, आपके पास दो अलग-अलग मार्ग हैं जैसा के मैंने “Judge कैसे बने” के इस आर्टिकल में पहले ही बताया है

  1. Judicial Service Exam की तयारी करके
  2. एक वकील (Advocate) बनकर कुछ सालों तक कोर्ट में वकालत का अनुभव लेने के बाद

अधिवक्ता (Advocate) बनने की पूरी जानकारी प्राप्त करें  

अदालत के न्यायाधीश बनने के लक्ष्य को हासिल करने के दो अलग-अलग तरीके हैं, आप उनमें से किसी भी मार्ग को चुन सकते हैं अपने शिक्षा के आधार पर।

[Step 2] Judicial Service Exam

न्यायाधीश बनने के लिए आपको न्यायिक सेवा परीक्षा के लिए तयारी करनी पड़ेगी, न्यायाधीश के रूप में अपनी करियर यात्रा शुरू करने का यही एकमात्र तरीका है जिससे आप सबसे कम समय में अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैँ। न्यायिक सेवा परीक्षा के योग्य होने के लिए आपको किसी भी पूर्व अनुभव की आवश्यकता नहीं है।

न्यायिक सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम (syllabus) के लिए,  आने वाले प्रश्नों का पैटर्न और अन्य संबंधित विवरणों की जानकारी केलिए यहां क्लिक करें

आपको केवल “जज कैसे बने” के इन दो उपरोक्त चरणों को पूरा करना होगा | सफलतापूर्वक इन दो चरणों को पूरा करने के बाद आप अंततः भारतीय न्यायिक प्रणाली का हिस्सा बन सकते हैं, एक न्यायाधीश के रूप में। 

 

एक जज का न्यायालय में क्या काम होता है? (Job Description)

अदालत में न्यायाधीश के ये सबसे आम कर्तव्यों में से है, शायद आप पहले से ही इन में से कुछ कर्तव्यों को जानते होंगे

  • मामले की प्रक्रिया और परीक्षणों के दौरान, एक न्यायाधीश को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता होती है कि मामले में पूछे जाने वाले प्रश्न मान्य और उपयुक्त हों। यदि नहीं, तो प्रश्न पूछने वाली पार्टी को ऑब्जेक्ट करें, जैसा कि आपने फिल्मों में देखा होगा न्यायाधीश हमेशा order-order करते हैं।
  • अदालत में शीर्ष स्थान धारण करने के रूप में (जज की हैसियत से), वे अदालत में सभी कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं।
  • अदालत के न्यायाधीश के रूप में, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी मुद्दे कानून प्रकिर्या के दायरे में हों| trial  और hearing सही तरह से आयोजित की जानी चाहिए।
  • वे सुनिश्चित करते हैं कि केस सुनवाई के दौरान मामले से संबंधित सभी मुद्दे शामिल हैं।
  • बिना किसी निष्पक्षता के मामले का निर्णय करना
  • मुकदमेबाजी की प्रक्रिया के दौरान प्रदान किए गए साक्ष्य (evidence) की प्रामाणिकता की जांच करना

एक अदालत में एक न्यायाधीश एक साम्राज्य के रूप में कार्य करता है जो दोनों पक्षों (आरोपी और पीड़ित) पर तटस्थ (neutral) है और यह सुनिश्चित करता है कि दोनों पक्षों के पास समान अवसर हों। 

इन आर्टिकल्स को भी पढ़ें:

 

क्या जज बनना एक सही करियर विकल्प है?

जैसा कि आप जानते हैं कि भारत की जनसँख्या बहोत ज्यादा है| और वर्तमान में, कई cases (लाखों में) pending हैं, और कई मामलों को तो आज तक खोला ही नहीं गया है। इसलिए भारत को निश्चित रूप से बहुत से कुशल न्यायाधीशों की आवश्यकता है जिनके पास न्याय की अच्छी समझ हो ताकि भारत जैसे देश में और pending cases न हो और उन सभी लंबित मामलों को भी जल्द से जल्द हल कर सके।

हकीकत में एक न्यायाधीश बनना वाकई एक कठिन काम है, जज बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बहुत मेहनत की जरूरत है। और न्यायिक सेवा परीक्षा में सीटों / पदों भी सीमित होती हैँ।

इस प्रकार यदि आप एक न्यायाधीश बनना चाहते हैं तो न्यायिक सेवा परीक्षा में प्रतिस्पर्धा (compete) करने के लिए तैयार रहें। भले ही जज बनना थोड़ा मुश्किल है लेकिन अंतिम परिणाम अद्भुत है। एक न्यायाधीश समाज में बहोत ही सम्माननीय व्यक्ति होता है।

चूंकि न्यायिक सेवाएं भारत सरकार (Government of India) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है; इसका मतलब है कि आपको अच्छे वेतन के साथ-साथ बहुत सारी सुविधाएं भी मिलेंगी, जिसको पाना बहुत कठिन होता है।

भविष्य में, आपको उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में भी पदोन्नत (promotion) किया जा सकता है।

एक न्यायाधीश न्याय का प्रतीक होता है

 

Judges की Salary जिला स्तर पर

भारत में जिला स्तर पर जजों की तय आय 25,000 ₹/per month से लेकर 65,000 ₹/per month रखी गयी है + साथ में ढेरों सुविधाएं|

हर राज्य में आपकी महीने की तनख्वा दूसरे राज्यों से अलग हो सकती है|

जैसे के आपको पता है न्यायलय भारत सरकार के अंतर्गत आता है इसलिए आपकी सैलरी भी भारत सरकार दवारा तय की जाती है, जोकि हर नए central pay commission आने के बाद बढ़ सकती है  

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86 Comments

    • जैसा की मैंने इस article में बताया है, Additional District Judge (ADJ) Civil Court में दूसरे नंबर (Rank-II) का Judge होता है District Judge/ District and Sessions Judge के बाद| ADJ बनने केलिए भी आपको ऊपर बताई हुई प्रकिर्या से गुजरना होगा|

  1. Sir agr koe high court me LDC ka exam fight kr ke 2nd grade pe lga ho to kya wo judge ban skta hai kya Apne experience k according

    • Hi Madhuri, LDC (Lower Division Clerk) और District या High Court Judge दोनों अलग-अलग चीजें हैं|मतलब के LDC एक जज नहीं बन सकता|जैसा कि आपको ऊपर इस आर्टिकल में बताया गया है के Judge बनने के लिए आपका वकालत करना या फिर Judicial Service Exam का पास करना जरुरी है|
      अगर आपको High Court Judge बनने से related जानकारी चाहिए तो आप इस आर्टिकल को पढ़ सकते हैं https://www.careerjano.com/high-court-judge-kaise-bane/| धन्यवाद

  2. Sir…mujhe Llb ke bad bar council dwara advocate ki dgree leni pdegi…..mai civil judge bnna chahti hu

    • Hello Amrita! जैसा की मैंने बताया के आप जज दो तरीकों से बन सकते हैं पहले वकालत करके और दूसरा Judicial Service Exam को देकर| अगर आप Advocate बनने के बाद Judge बनने की सोच रहीं हैं तो आपको Bar Council में अपना नाम पंजीकृत करना होगा जिसके बाद आपको एक ID issue हो जायेगा जिसके बाद आप वकाल कर सकते हैं अधिक जानकारी के लिए आप इस Article को पढ़ सकते हैं; https://www.careerjano.com/advocate-kaise-bane

  3. Sir me llb KR rhi hu llb ke bad me judge banna chahti hu uske liye mujhe kse taiyari krni pdegi or uska syllabus Kya hoga or mujhe kse taiyari krni chahiye fresher bina experience k to uska kya process hoga ?

  4. Main dasvi pass Karke diploma Kiya Hoon kya mai LLB ka entrance ka exam De sakta Hoon सर जी

  5. Sir mai BALLB ka 6th semister ka exam de rahi hu or mera ye course 2021 me compele hoga. Mai district judge ban na chahti hu . Mujhe bataye ki mai enterence ke liye coaching kb start karu? Or ye kitne. time ka course hai.

    • Hi Mahima! Mostly students coaching LLB के आखिरी साल में करते हैं बाकि आप पर निर्भर करता है के आप कब से शुरू करना चाहते हैं| Judicial Service Exam की कोचिंग आमतौर पर 6 महीने से लेकर 1 साल तक की होती है| Best of Luck to become a District Judge!

      • Hello सर मे आब 12 commerce मे हू मजे आच्छा loyar बनणा हे कम से कम खर्च मे. क्योंकी मेरी घर की परिस्थी थोडी कमजोर हे
        तो मे 12 के बाद क्या करु

        • Hi Sagar! आपके पास सबसे अच्छा विकल्प होगा के आप LLB किसी Governemnt College से करें| इसकी अधिक जानकारी के लिए कृपया इस लेख को पढ़ें; Lawyer Kaise bane

  6. Sir me civil court me fourt class me kam karti hu

    Sat hi bsc ll padti hu

    Aage muje judge karni he muje aage Kay karna chahiye sir

  7. Hlw sir, mene final year complete kr liya h aur aage m llb krke judiciary service m jana chahta hu, mujhe llb hindi medium se krni chahiye ya english se because me hindi medium ka student hu?

    • Hello Mahendra! आपको LLB English से करनी चाहिए क्योंकि भारत की न्यायिक प्रणाली इंग्लिश में है, अंग्रेजों के समय से| और आज न कल तो आपको English सीखनी ही पड़ेगी| तो बेहतर यही होगा के आप अभी इंग्लिश सिख लें और Law English से करें|

  8. Sir agr me llb hindi medium se krke judiciary exam clear krta hu than mujhe kis level ki court me post milegi aur konsi post?

    • Hey Mahendra! आपकी पोस्टिंग Subordinate Court में होगी| आपको इस लेख में बताई Hierarchy गयी है, कृपया उसे एक बार जरूर देखें|

  9. Sir ye sab kitne years me ho jata hai kya me BA+LLB dono sath me kr sakti hun or uske liya mujhe koi government college bta do jo madhyapradesh me kargone ke aas pas ho

    • Sir me BALLB 3 year me hu or Judge bn na chahta hu to kya sir me Abhi se Tyari Kr skta hu or Tyari me kya course Padhu me sir Abhi Self study krna chahta hu

      • Hello Arjun! हाँ आप बिलकुल अभी से तयारी कर सकते हैं अपने आप भी| Best of Luck for your preparation!

  10. Mera b.com complete hai aur mai judge banna chahta hu pura detail se bataiye aur kitna samye lagega course complete hone me

    • Hello Shahban! इस लेख में वो सभी जरुरी जानकारियां आपको बतायी गयी हैं कृपया ध्यान से पढ़ें| अगर आपको LLB से सम्बंधित जानकारी चाहिए तो इस लेख को पढ़ें>> Lawyer कैसे बने

    • Hello Somiya! यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है| आप CLAT की कोचिंग 12th Class में पढ़ते हुए भी कर सकती हैं

  11. Sir mujhe achhi coaching ke bare mein janna tha ki
    Civil judge ki achhi coaching kis sheher mein mil
    Sakti hai…..

    • Hi Prakhar! किस शहर में कौन सा Coaching Institute अच्छा है इसके बारे में हमने अभी कोई रिसर्च नहीं की तो मैं अभी आपको Suggest नहीं कर पाउँगा|

  12. Hello sir i am a student of B. Sc first year (ZBC) what i can become a district judge please give me any answer

  13. Hello sir my self danish i completely read your article i feel very well but some confused besuse to speak in english i also weak and also preapareing comptative exame pcsj. Tell me sir could i do i feared after read your article . Plz sir give me some advise for me

    • Hi Danish! In the first place, You took my words wrongly my friend. I don’t mean to fear anyone here I am writing the truth only. You don’t have to fear from PCS J Exam rather you should prepare for the exam. Every exam has some difficulties and this one also.
      So don’t fear from exam let’s Face It!!!

    • hello sir me ba. 3 year me hu or rjs ki tyari kar rha hu or me ll.b. Hindi se karana chahata hu to mera selection late. hoga kya or jo english me ll.b.krte h unka section rjs me jaldi hota h kya aap aapni ray de sir

    • Hello Pratyush! तैयारी करने के लिए आप किसी coaching institute को join कर सकती हैं या तो अपने आप भी खुद से कर सकती हैं, जोकि एक बहुत अच्छा विकल्प होगा| जैसा की आप अभी 5th Semester में हैं तो आप अभी से PCS J के लिए Self-Study करना शुरू कर दें| आपके पास अच्छे से तैयारी करने के लिए अभी बहुत समय बाकि है|

    • Hi khushnuma! जैसा की मैंने इस लेख में बताया है कि आप direct भी Civil Judge बन सकते हैं जिसके लिए पहले आपको वकालत करनी होगी| कृपया लेख को ध्यान से पढ़े सभी जानकारी बताई गयी है|

  14. sir namastey
    thank you so much sir apki webside k karan mujhe judicial service exam ki jankari mili please kya ap mujhe judicial exam k liye koi book bata dijiye or me hindi mediam ki student hu please sir and again thanks a lot of you

    • Hello Khushnuma! Good to Know you find the information useful. Books के बारे में अभी हमने अपनी research नहीं की के कौन सी book अच्छी है| इसलिए हम आपको अभी कोई Book suggest नहीं कर पाएंगे|

    • Hello sir me pooja Kashyap
      Mra final BA h is year or me ek Potele News channel VE24 news me work krti hu..lekin me sath hi LLB me admission lena chahti hu or judge ki study bhi to kiya sahi rhega mre liye ye

    • Hi Farheen! आपको सभी जानकारी इस लेख में बताई गयी है कृपया ध्यान से पढ़ें|

    • Hi Geeta! आप Judicial Service Exam की तयारी कर सकती हैं या फिर वकालत कर सकती है इसके अलावा भी बहोत ऑप्शन हैं| अधिक जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें: Career Options After LLB

  15. sir namastey
    sir kya ap hame judicial service exam k liye notes ya books bata dijiye jisse me apne civil judge exam ki tayari kar saku please help me
    thank you

  16. सर मैं अभी L.L.B कर रहा हूँ और मध्यप्रदेश का रहने वाला हु सिविल जज बनने के लिए कितने प्रतिशत चाहिए llb कोर्स में ???

  17. Sir Mai judge banna chahti hu Mai Hindi medium se hi to mujhe judiciary exam pass krne ke bad kaun si judge ban skti hu

  18. Hi,sir
    I’m 6th semester student of llb
    My Bob is 10/11/1989 ,I’m business man but
    I’m interested by judge what’s Chans or time

  19. Hello sir! Mai Bsc. Forensic science final year ki student hu. Kya mai Forensic science me graduation ke bad bina llb kiye judge ke liye exam de sakti hu?

  20. Sir m llb 3year m hu or m hindi medium se hu sir m self study kr RJS ka exam fight krna chati hu to sir kya m hindi medium se RJS ka exam de Sakti hu??

  21. Sir kya ba llb hindi medium me b hoti h. Kya ye sabhi collages me mil jaigi
    ba llb and ba llb (hons.) Me kya difference h
    Aur sir course me civil law ya fir criminal law or revenue law ka bhi option hota h????
    Sir mene 12th science kiya h to mera admission ba llb me ho skta h??? mughe bsc. Llb nhi krni
    Sir please hindi or english medium clear krna
    Thanks sir

  22. Sir mane BA final ka exame diya h
    LLB Krna chahti hu or ek lawyer banne k bad judge banna chahti hu

    Kya iske liye mujhe kisi intrest exame ko fight Krna padega ya m direct llb kr sakti hu
    Or vakil bankr judge ki chair pa sakti hu

  23. Hello sir mene bbm (bachelor of business administration) kya me llb kr skti hu ….iski kya process hogi

  24. LLB ya ballb krane ke baad kitne age tak district court me judge banne ki tayari ker sakte hai esme OBC ko koi choot age me milti hai

  25. Sir abhi main LLB first year me hoon aur mujhe criminal cases me intrest h aur main aage judiciary me jaana chahti hu mere liye best option kya rahega please guide kijiye

  26. Hello sir abhi mera llb ja 2nd yr chal rha h aur m aage Jake rjs ki tyari krna chati hu to kse kru aur Civil Judge kse bnte h ye btye aur bar council ke paper ksa aata h iske bare me btye.

  27. Sir maine abhi 12 nikali hai or me civil judge bnna chahti hun eske liye mujhe kya Krna hoga course me kya karna hoga kya me college ( graduation) ke sath llb kr sakti hun or ye me konse college se kru plzz sir aap mujhe suggestion do mene apke article pde toh bahut ache se samjh aya .

  28. Sir mai 12th pass krke up police me job kr rha hu or private b.a. kr rha hu kya mai koi bhi judge bn skta hu yadi ha to kaise sir…..

  29. Hlo sir mein 12th study kr ri hu aur next Year BALB start kr dungi sir mein aage jakar judge bnna chati hu plzzz sir i request आप mujhe judge banne ke liye mujhe kya krna chahiye aap bta skte h

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